संभावित बाढ़ स्थिति से निपटने के लिए विभागीय तैयारियों पर जोर
सुंदरगढ़, 20 मई 2026:
आगामी मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए सुंदरगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिला कलेक्टर डॉ. शुभंकर महापात्र की अध्यक्षता में आज वर्चुअल माध्यम से जिला स्तरीय प्राकृतिक आपदा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपवाचस्पति भवानी शंकर भोई, सदर विधायक योगेश कुमार सिंह, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुरज कुमार पटनायक, एडीएम राजस्व अभिमन्यु माझी, मुख्य विकास अधिकारी सुरंजन साहू समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाने की तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सड़कों के टूटने या संपर्क बाधित होने की स्थिति में तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। प्रभावित परिवारों के लिए समय पर पॉलिथीन वितरण तथा राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
राउरकेला नगर निगम और सभी नगर निकायों को मानसून से पहले नालियों और पाइपलाइन की सफाई पूरी करने तथा ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को सांप काटने की दवा, ओआरएस और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त भंडारण रखने को कहा गया है। वहीं ओड्राफ और अग्निशमन विभाग को हर समय आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
बिजली विभाग को पावर शटडाउन से पहले माइक और एसएमएस अलर्ट के जरिए लोगों को सूचना देने तथा बिजली बाधित होने पर जल्द बहाली सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा पशुपालन विभाग को पशुओं के बचाव और इलाज के लिए दवाइयों और उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और क्लोरीनेशन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
कृषि विभाग को किसानों को फसल संरक्षण और जल निकासी के प्रति जागरूक करने को कहा गया है ताकि बारिश के दौरान फसल नुकसान कम हो सके।
प्रशासन ने पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर डूबने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और तहसील प्रशासन को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर पूरे जिले में मजबूत बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।










